मिर्जापुर: आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया है. देशभर की देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है. मिर्जापुर के विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में भी मंगला आरती के बाद से ही श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का लंबी-लंबी लाइनों में लगकर दर्शन पूजन कर रहे हैं. नवरात्र के पहले दिन शैलपुत्री स्वरूप का दर्शन पूजन कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में स्थित है विश्व प्रशिद्ध माँ विंध्यवासनी का मंदिर. वैसे तो यहां पर हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने आते हैं, मगर नवरात्र में इसकी संख्या बढ़कर लाखों में हो जाती है.शारदीय नवरात्र में आज सुबह से ही देश भर के देवी मंदिरों में भीड़ लगा हुआ है. तो वही मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए भी आधी रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था मंगला आरती के बाद से ही श्रद्धालु लंबी-लंबी लाइनों में लगकर हाथों में नारियल चुनरी लेकर मां विंध्यवासिनी का एक झलक पाकर निहाल हो रहे हैं. इस बार नवरात्र 10 दिनों तक है. विंध्याचल सिद्धि पीठ है यहाँ पर नवरात्र में माँ के दर्शन मात्र से ही सभी कष्टो से मुक्ति मिलती है माँ से मागने पर सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है. नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री स्वरूप का दर्शन पूजन कर रहे हैं.10 दिनों तक लगने वाले इस नवरात्र में देश भर से लाखो भक्त माँ के दर्शन पूजन करने आते है और नवरात्र तक इस विंध्य क्षेत्र में कुछ निवास भी करते है .नवरात्र में माँ का दर्शन करने का अपना अलग ही महात्म है
धर्माचार्य मिट्ठू मिश्रा कहते है यहाँ कि महिमा अपरमपार है जो भी भक्त एक बार नवरात्र में माँ का दर्शन कर ले उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है. मां विंध्यवासिनी के साथ ही मां काली मां अष्टभुजा का भी त्रिकोण परिक्रमा कर दर्शन कर लेते हैं तो यात्रा पूरी मानी जाती है.
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