मिर्जापुर जनपद में तीन दिन से गंगा नदी रौद्र रूप में बह रही.गंगा नदी के पानी से विंध्याचल धाम के घाट डूबे.जिले में गंगा चेतावनी बिंदु को छूने के लिए बेताब है.बाढ़ से निपटने के लिए चुनार और सदर तहसील के 50 बाढ़ चौकिया अलर्ट.जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए सारी तैयारियां पूरी की है
पहाड़ी इलाके से लेकर मैदानी इलाके में लगातार हो रहे बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिले में बाढ़ देखने को मिल रहा है. छोटी-छोटी नदियों से लेकर गंगा नदी तक रौद्र रूप में बह रही है. मिर्जापुर जनपद में भी तीन दिन से गंगा नदी रौद्र रूप में बह रही है. विंध्याचल धाम के घाट डूब गए हैं. मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान घाटों के सीढ़ियों के ऊपर करने को मजबूर हैं.जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके वाले गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मिर्जापुर जनपद में गंगा नदी के बाढ़ से सदर तहसील और चुनार तहसील के गांव प्रभावित होते हैं. भारत से निपटने के लिए मिर्जापुर जिला प्रशासन ने 50 बाढ़ चौकिया बनाया है इसके साथ ही पूरी तैयारी बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कर रखा है. मिर्जापुर में गंगा की जलस्तर की बात की जाए तो शुक्रवार के सुबह 8 बजे 2.666 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा का पानी बढ़ रहा था. गंगा नदी खतरे के लेवल से 3.594 मीटर नीचे का रही है. चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का लेवल 77.724 मीटर है.
विंध्याचल घाट पर दुकान लगाने वाले लक्ष्मण निषाद ने बताया कि 3 दिन से गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है घाट डूब गए हैं.वही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए सारी तैयारियां जिला प्रशासन ने पूरी कर रखी है गंगा के पानी से अभी बाढ़ की स्थिति जैसे हालात नहीं हुए हैं, अभी गंगा खतरे की निशान से काफी नीचे बह रही है,बाढ़ के लिए चुनार और सदर तहसील में 50 बाढ़ चौकिया बनाए गए हैं जो अलर्ट हैं.
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