मिर्जापुर: खरीफ सीजन की फसलों के बीच खाद की किल्लत से जिलेभर के किसान परेशान हैं. हालात इतने बिगड़ गए हैं की किसानों को दुकानों पर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, लाइन में हो रहे धक्का-मुक्की को संभालने के लिए पुलिस खड़ी है. सुबह से शाम हो जा रहा है खाद नही मिल पा रही है.डीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित गोदाम पर दो दिन से खाद नही है किसान आकर वापस हो जा रहे हैं. जिला प्रशासन का दावा है पर्याप्त मात्रा में खाद है.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में भी खाद की किल्लत से किसान बेहाल हैं. लालगंज हलिया मड़िहान क्षेत्रों में हालात यह हैं की दुकानों पर किसानों की लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा, यहां तक कि धक्का-मुक्की करना पड़ रहा है. किसानों को संभालने के लिए पुलिस खड़ी है.डीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित सहकारी खाद डिपो घुरहुपट्टी में दो दिन से खाद नही है किसान आकर वापस हो जा रहे हैं. जिस जगह खाद रखी जाती है उस कमरे में ताला लगा हुआ है. प्रभारी बैठे हुए हैं किसान आकर पूछ कर चले जा रहे हैं. सहकारी खाद डिपो घुरहुपट्टी के प्रभारी पंकज दुबे का कहना है 18 अगस्त तक खाद थी और वितरण किया गया है दो दिन से नही है आने दिया जायेगा. इसी गोदाम पर आए किसान मोती लाल का कहना है दो दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं मिल नही रहा है.मजबूरन महंगी खाद प्राइवेट दुकान से लेकर डालना पड़ेगा. जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर लगभग स्थित हलिया के भटवारी दिघीया किसान सेवा सहकारी साधन लिमिटेड पर भी खाद को लेकर किल्लत है लंबी लम्बी लाइन में लगकर खाद लेना पड़ रहा है धक्का मुक्की को देखते हुए पुलिस लगाई गई है. किसानों ने खाद विक्रेताओं पर कालाबाजारी और दुर्व्यवहार के आरोप लगा रहे. इसी तरह लालगंज मड़िहान क्षेत्रों में भी समस्या है.
वही जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव दावा कर रहे खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं जिले में खाद की कमी नही है.अगस्त महीने के लिए प्राइवेट गोदाम पर 2403 और कोऑपरेटिव पर 4607 मेट्रिक टन खाद उपलब्ध है. जनपद में 85 कोऑपरेटिव और साढे चार सौ प्राइवेट दुकान हैं. सभी पर खाद उपलब्ध है. ओवर रेटिंग की जहां शिकायत मिल रही है कार्रवाई की जा रही है. दो जगह दुकान पर मशीन खराब थी जिसके वजह से लाइन लगी थी.
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